5 Hindi Shayari || Dialogue Randari Wala

5 Hindi Shayari || Dialogue Randari Wala

माना थोड़ा वक्त लगेगा उस मुकाम तक पहुँचने में।
पर वादा है मेरा आये रब तुझसे।
मै ममयब तो बनूंगा।
पर किसी का हक़ मारकर नहीं।”

और दिल आज़माना है तो अकेले आना,
अगर दम आज़माना है।
तो जितने हैं सबको साथ लाना।

चीर दूंगा फाड़ दूंगा। ऐसी बात मैं नही करता।
और बात इज़्ज़त की हो तो पीछे नहीं हटता
जिला अमेठी का रहने वाला हूँ। लाला।
रंदारी नाश नाश मैं भरा है साला

कपड़े सफेद पहनता हुँ
पर डरता किसी के बाप से नही हूँ।
हमपे नज़र रखने की कोशिश मत कर
हमारा याराना उन लोगो से है ।
जिन से। कीपैड फोन से बात होती है।

गिर गित की तरह रंग बदलते हो ।
और फिर कहते हो तुम अपने हो।
इधर की बात उधर कर करते हो ।
साले मर्द हो ।या हिजड़ हो।

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